U.S. एयर फोर्स के F-16 ओसान एयर बेस पर तैनात – सुपर स्क्वाड्रन टेस्ट फेज-2 की धमाकेदार शुरुआत"
ओसान एयर बेस पर पहुँचे F-16 लड़ाकू विमान – सुपर स्क्वाड्रन टेस्ट के दूसरे चरण की हुई शुरुआत
ओसान एयर बेस, दक्षिण कोरिया (AFNS), 31 जुलाई 2025:
संयुक्त राज्य वायुसेना की "सुपर स्क्वाड्रन टेस्ट" पहल के दूसरे चरण की तैयारी अब निर्णायक मोड़ पर पहुँच चुकी है। 28 जुलाई से कुसान एयर बेस से पहले F-16 फाइटिंग फाल्कन लड़ाकू विमान ओसान एयर बेस पर स्थानांतरित किए गए, जो इस व्यापक ऑपरेशनल टेस्टिंग के तहत एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
यह रणनीतिक स्थानांतरण, अमेरिका की 7वीं एयर फोर्स के संचालन को अधिक कुशल और शक्तिशाली बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस पहल के तहत कुल 31 F-16 विमान और लगभग 1,000 एयरमैन अगले कुछ महीनों में अस्थायी रूप से ओसान एयर बेस पर पुनः तैनात किए जाएंगे। परीक्षण का दूसरा चरण अक्टूबर 2025 से प्रारंभ होकर अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा।
कैप्टन ब्रायस ह्यूजेस, 51वें मेंटेनेंस ग्रुप के ऑफिसर और सॉर्टी जनरेशन फ्लाइट कमांडर ने बताया,
सुपर स्क्वाड्रन टेस्ट पार्ट II एक फोर्स-ऑप्टिमाइजेशन परीक्षण है, जिसका उद्देश्य यह मूल्यांकन करना है कि क्या एक बड़ा और समेकित स्क्वाड्रन अधिक प्रभावी ढंग से लड़ाकू क्षमता उत्पन्न कर सकता है।”
ओसान एयर बेस पर पहले से मौजूद मेंटेनेंस क्रू अब 36वें फाइटर जनरेशन स्क्वाड्रन के साथ मिलकर F-16 विमानों की मेंटेनेंस की ट्रेनिंग ले रहे हैं ताकि अधिकतम कॉम्बैट एयरपावर जनरेशन सुनिश्चित की जा सके।
सीनियर मास्टर सार्जेंट जेसन थॉमस ने कहा,
हमारे एयरमैन जिस तरह से नई स्थितियों के अनुरूप खुद को ढाल रहे हैं, वह वास्तव में काबिले-तारीफ है। मल्टी-कैपेबल एयरमैन और मिशन रेडी एयरमैन जैसे सिद्धांत अब व्यवहार में परिवर्तित हो रहे हैं।”
पहले चरण की शुरुआत अक्टूबर 2024 में हुई थी, जिसमें नौ F-16 और 150 एयरमैन ओसान एयर बेस पर तैनात किए गए थे। दूसरे चरण में बड़े पैमाने पर परीक्षण किया जाएगा, जिसमें रख-रखाव, मानव संसाधन और लॉजिस्टिक्स की जरूरतों का आकलन किया जाएगा।
इस दौरान ओसान एयर बेस की "फाइट टुनाइट" रक्षा तैयारियों को भी बरकरार रखा जाएगा और साथ ही कोरियाई वायुसेना के साथ द्विपक्षीय अभ्यासों को और सशक्त किया जाएगा।
51वें फाइटर विंग के कमांडर कर्नल रयान ले ने कहा,
हम वुल्फपैक के साथ मिलकर न केवल कर्मियों और संसाधनों का सहज संक्रमण सुनिश्चित कर रहे हैं, बल्कि वायुसेना की ताकत को नए स्तर पर ले जा रहे हैं। मुझे गर्व है कि 51वां फाइटर विंग इस परिवर्तन का नेतृत्व कर रहा है।”
यह सुपर स्क्वाड्रन टेस्ट केवल रणनीति नहीं, बल्कि दक्षता और लचीलापन साबित करने की पहल है, जो कोरियाई प्रायद्वीप पर अमेरिका की वायु शक्ति को और मजबूती प्रदान करेगा।

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