NASA, JAXA और Roscosmos का संयुक्त मिशन: अंतरिक्ष में स्वास्थ्य अनुसंधान
अंतरिक्ष में आंख, मस्तिष्क और रक्त पर प्रभाव का अध्ययन जारी
अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर एक्सपेडिशन 73 के दल ने मंगलवार को मानव स्वास्थ्य पर अंतरिक्ष के प्रभाव का गहन अध्ययन किया। इसमें आंख, मस्तिष्क, रक्त संचार प्रणाली और अन्य शारीरिक कार्यों पर शोध शामिल था। साथ ही, क्वांटम भौतिकी अनुसंधान और स्पेससूट रखरखाव भी दल के दिनचर्या का हिस्सा रहा।
आंखों पर माइक्रोग्रैविटी के प्रभाव का अध्ययन
नासा फ्लाइट इंजीनियर्स माइक फिन्के और ज़ेना कार्डमैन ने कोलंबस लैब मॉड्यूल में मिलकर आंखों की जांच की। इस दौरान, विशेष मेडिकल उपकरण के जरिए कार्डमैन की आंखों और माथे पर लगे इलेक्ट्रोड से रेटिना की प्रकाश प्रतिक्रिया को मापा गया। यह CIPHER नामक 14 मानव अनुसंधान अध्ययनों में से एक है, जिसका उद्देश्य माइक्रोग्रैविटी में दृष्टि अनुकूलन को समझना है।
मस्तिष्क और संतुलन पर शोध
नासा फ्लाइट इंजीनियर जॉनी किम ने CIPHER के दूसरे हिस्से में भाग लिया, जिसमें उनके संतुलन, दिशा-बोध और स्मरण शक्ति पर अंतरिक्ष के प्रभाव का परीक्षण किया गया। उन्होंने अपने रक्त और मूत्र के नमूने एकत्रित कर विश्लेषण के लिए संरक्षित किए। इसके बाद उन्होंने लैपटॉप पर स्पैटियल कॉग्निशन सॉफ्टवेयर का उपयोग कर मस्तिष्क कार्यप्रणाली से जुड़े परीक्षण पूरे किए। इस शोध से लंबे समय तक चलने वाले अंतरिक्ष अभियानों में मस्तिष्क स्वास्थ्य की निगरानी और सुरक्षा के लिए नए उपकरण विकसित करने में मदद मिलेगी।
स्पेसवॉक की तैयारी
किम और कार्डमैन ने क्वेस्ट एयरलॉक में मिलकर स्पेससूट के कुछ पुर्ज़े बदले, जिससे इस वर्ष के अंत में संभावित स्पेसवॉक के लिए तैयारी की जा सके।
क्वांटम भौतिकी में नई प्रगति
जापान अंतरिक्ष अन्वेषण एजेंसी (JAXA) के फ्लाइट इंजीनियर किमिया यूई ने कोल्ड एटम लैब में कंप्यूटर कंपोनेंट बदले। यह प्रयोगशाला परमाणुओं को ब्रह्मांड के औसत तापमान से भी कम ठंडा कर वैज्ञानिकों को ऐसे क्वांटम गुणों का अध्ययन करने देती है, जो पृथ्वी पर संभव नहीं हैं।
रक्त संचार और सूक्ष्मजीव अध्ययन
रॉसकॉस्मोस के कॉस्मोनॉट सेर्गेई रिझिकोव और अलेक्सी जुब्रिट्स्की ने माइक्रोसर्कुलेटरी सिस्टम का अध्ययन जारी रखा। उन्होंने सेंसर पहनकर हाथ, पैर, उंगलियों और पंजों में रक्त प्रवाह को मापा। इससे वैज्ञानिक अंतरिक्ष में रक्त संचार को बेहतर समझकर स्वास्थ्य संरक्षण के नए तरीके विकसित कर सकेंगे।
रिझिकोव ने नए फ्लाइट इंजीनियर ओलेग प्लैटोनोंव के साथ मिलकर स्टेशन के रॉसकॉस्मोस हिस्से में सतहों से सूक्ष्मजीव नमूने लिए, जिन्हें पेट्री डिश में रखकर बाद में विश्लेषण किया जाएगा। इससे स्टेशन के माइक्रोबियल वातावरण की निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
इसके अलावा, प्लैटोनोंव और जुब्रिट्स्की ने बारी-बारी से गले में ध्वनि सेंसर पहनकर तेज़ी से श्वास छोड़ने के दौरान ध्वनि की मात्रा मापी, जो एक चल रहे श्वसन अध्ययन का हिस्सा है।

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