NASA Europa Clipper: मंगल पर रडार टेस्ट में ऐतिहासिक सफलता, यूरोपा मिशन को नई उम्मीद
मार्स पर NASA के Europa Clipper के रडार इंस्ट्रूमेंट ने किया कमाल, बर्फीले चंद्रमा यूरोपा के मिशन के लिए दिखाई उम्मीद की किरण
5 अगस्त 2025 | Express news
NASA के महत्वाकांक्षी अंतरग्रहीय मिशन Europa Clipper ने हाल ही में मंगल ग्रह (Mars) के पास से गुजरते हुए अपने रडार उपकरण REASON (Radar for Europa Assessment and Sounding: Ocean to Near-surface) का सफल परीक्षण किया। यह परीक्षण ना केवल तकनीकी रूप से सफल रहा, बल्कि इसने भविष्य में बृहस्पति (Jupiter) के चंद्रमा यूरोपा पर किए जाने वाले विज्ञान प्रयोगों के लिए शानदार संभावनाएं भी प्रस्तुत की हैं।
रडारग्राम: मंगल की सतह का ‘स्काईलाइन’
Europa Clipper द्वारा भेजे गए बहुत उच्च आवृत्ति (VHF) रडार सिग्नल मंगल की सतह से टकराकर लौटे। इन संकेतों को प्रसंस्करित कर एक रेडारग्राम (Radargram) तैयार किया गया जिसमें मंगल की सतह के नीचे की स्थलाकृति — जैसे कि क्रेटर, पहाड़ियाँ और ढलान — स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। 900 किलोमीटर लंबी इस सतह को देखकर वैज्ञानिक उत्साह से भर उठे।
उड़ान और डेटा
1 मार्च 2025 को Europa Clipper ने मंगल से 3,100 मील (5,000 किमी) से घटकर 550 मील (884 किमी) की ऊंचाई पर उड़ान भरी। इस दौरान करीब 40 मिनट तक REASON रडार सक्रिय रहा। इसके परिणामस्वरूप 60 गीगाबाइट से अधिक वैज्ञानिक डेटा प्राप्त हुआ, जिसे मई 2025 से डाउनलोड किया गया।
क्यों था यह परीक्षण विशेष?
Europa Clipper पर लगे REASON रडार को पृथ्वी पर पूर्ण रूप से टेस्ट कर पाना असंभव था, क्योंकि इसके लिए 76 मीटर लंबा इको-चैंबर चाहिए होता। इसलिए यह मार्स फ्लाईबाय एक स्वर्णिम अवसर था।
NASA JPL (Jet Propulsion Laboratory) के वैज्ञानिकों ने बताया कि यह रडार ठीक वैसे ही कार्य कर रहा है जैसे कि यूरोपा पर अपेक्षित है।
“हमें फ्लाईबाय से वही सब मिला जिसकी हमने उम्मीद की थी,” कहा डॉन ब्लैंकनशिप ने, जो इस रडार उपकरण के प्रमुख अन्वेषक हैं।
यूरोपा: जीवन की खोज की नई उम्मीद
Europa Clipper मिशन का उद्देश्य है यह पता लगाना कि क्या यूरोपा की बर्फीली सतह के नीचे समुद्र जैसे जलस्त्रोत मौजूद हैं और क्या वहाँ जीवन के लिए उपयुक्त परिस्थितियाँ हो सकती हैं।
REASON रडार वहां की बर्फीली सतह के भीतर झांककर जल-जेब और संभावित महासागर की तलाश करेगा, साथ ही सतह की संरचना और जियोलॉजी का भी अध्ययन करेगा।
मिशन टाइमलाइन:
- लॉन्च: 14 अक्टूबर 2024 (Kennedy Space Center, Florida)
- मार्स फ्लाईबाय: 1 मार्च 2025
- अगला ग्रैविटी असिस्ट: पृथ्वी, वर्ष 2026
- यूरोपा आगमन: वर्ष 2030
- कुल दूरी: लगभग 1.8 अरब मील (2.9 अरब किमी)
- करीब 50 फ्लाईबाय होंगे यूरोपा के
बिजली की चुनौती और समाधान
चूंकि यूरोपा पर सूर्य का प्रकाश पृथ्वी के मुकाबले केवल 1/25 होता है, इसलिए Clipper को विशेष रूप से बास्केटबॉल कोर्ट के आकार के सोलर पैनल्स से लैस किया गया है। रडार के लिए दो जोड़ियों में फैले 17.6 मीटर लंबे एंटीना इन पैनलों से जुड़े हैं।
निष्कर्ष
Europa Clipper का यह परीक्षण न केवल तकनीकी दृष्टि से एक उपलब्धि है, बल्कि यह जीवन की खोज की दिशा में मानवता के एक और कदम को दर्शाता है। NASA के इस मिशन से जुड़े वैज्ञानिक इस सफलता से रोमांचित हैं और अब यूरोपा के रहस्यों को उजागर करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।


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