NISAR मिशन: NASA-ISRO की साझेदारी से अब भूकंप और ज्वालामुखी की चेतावनी समय रहते
"NISAR: प्राकृतिक आपदाओं से मुकाबले के लिए NASA और ISRO की क्रांतिकारी साझेदारी"
जुलाई 29, 2025:
NASA और ISRO द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया NISAR (NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar) मिशन पृथ्वी की सतह पर होने वाले धीमे लेकिन महत्वपूर्ण परिवर्तनों पर नजर रखने वाला दुनिया का पहला रडार सैटेलाइट मिशन है। यह मिशन भूकंप, ज्वालामुखी, भूस्खलन, भूमि धंसाव और समुद्र स्तर में वृद्धि जैसी प्राकृतिक आपदाओं के खतरे को समय रहते पहचानने और उनसे होने वाले नुकसान को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रमुख विशेषताएँ:
- NISAR धरती की सतह पर होने वाले सूक्ष्म बदलावों को भी सटीकता से मापेगा, जो बड़ी आपदाओं से पहले के चेतावनी संकेत हो सकते हैं।
- यह मिशन पूरी दुनिया को लगातार कवर करेगा, जिससे आपदा से पहले और बाद की स्थिति का तुलनात्मक विश्लेषण संभव होगा।
- इसका डेटा ओपन-सोर्स होगा, जिससे वैज्ञानिक, नीति निर्माता और आपदा प्रबंधन एजेंसियाँ बिना बाधा के इसका उपयोग कर सकेंगी।
आपदा प्रबंधन में क्रांतिकारी बदलाव:
NISAR से प्राप्त डेटा के आधार पर बाढ़, भूकंप या ज्वालामुखी विस्फोट के तुरंत बाद प्रभावित क्षेत्रों की तेज और सटीक क्षति मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार की जा सकेगी, जैसे कि 2011 के न्यूजीलैंड भूकंप के समय हुआ था, जब सैटेलाइट डेटा ने जमीन पर निरीक्षण से पहले ही नुकसान का खाका पेश कर दिया।
प्राकृतिक संसाधनों का सतत उपयोग:
जलवायु परिवर्तन और जल संकट की चुनौतियों के बीच NISAR सतह के नीचे हो रहे जल, तेल या गैस निकासी के कारण होने वाली धंसाव को भी मापेगा, जिससे जल संरक्षण और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए ठोस रणनीतियाँ बनाई जा सकेंगी।
भारत और पूरी दुनिया के लिए यह मिशन आपदा पूर्वानुमान, पर्यावरणीय निगरानी और प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन में एक गेम-चेंजर साबित होगा।


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