Israel gaza war । Gaza starves। 93+ Palestine killed in last 48 hours
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच इज़राइल ने गाज़ा पट्टी पर अपने सैन्य अभियान को और तेज़ कर दिया है, जिससे पहले से ही संकटग्रस्त क्षेत्र में मानवीय स्थिति और अधिक गंभीर होती जा रही है। संयुक्त राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय राहत संगठनों ने चेतावनी दी है कि गाज़ा में भुखमरी अब "आपदा स्तर" तक पहुंच चुकी है, जहां लाखों लोग भोजन, पानी और दवाओं के अभाव में जीवन जीने को मजबूर हैं।
इज़राइली रक्षा बलों (IDF) ने हाल ही में गाज़ा सिटी और इसके दक्षिणी क्षेत्रों में हवाई हमलों और ज़मीनी अभियानों में तेजी लाई है। इज़राइल का दावा है कि ये हमले हमास के आतंकवादियों और उनके ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किए जा रहे हैं। हालांकि, इन हमलों में बड़ी संख्या में आम नागरिकों की भी मौत हुई है, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।
मानवाधिकार संगठनों की चेतावनी
मानवाधिकार संगठन और संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियाँ लगातार चेतावनी दे रही हैं कि गाज़ा में मानवीय सहायता पहुंचाने में भारी रुकावटें आ रही हैं। इज़राइली सेना ने कई राहत काफिलों को सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए रोक दिया है। इसकी वजह से लाखों लोगों को बुनियादी जरूरतों से वंचित रहना पड़ रहा है।
विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) और यूनिसेफ का कहना है कि गाज़ा के उत्तरी और मध्य हिस्सों में बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हैं। कुछ क्षेत्रों में तो स्थिति इतनी भयावह हो गई है कि माता-पिता अपने बच्चों को खाना न दे पाने के कारण टूट चुके हैं। कई परिवार एक समय का भोजन भी नहीं जुटा पा रहे हैं।
राजनीतिक दबाव और वैश्विक प्रतिक्रिया
अमेरिका, यूरोपीय संघ और अन्य वैश्विक शक्तियों ने इज़राइल से संयम बरतने और मानवीय सहायता के लिए रास्ते खोलने की अपील की है। वहीं अरब देशों ने इज़राइल की कार्रवाई को "निर्मम" और "अमानवीय" बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने कहा कि "गाज़ा नरक बन चुका है, और यदि अभी कोई समाधान नहीं निकला, तो यह पीढ़ियों के लिए एक त्रासदी बन जाएगा।"
स्थानीय लोगों की पीड़ा
गाज़ा के निवासी बेहद कठिन हालात में जी रहे हैं। बिजली, पानी और ईंधन की भारी कमी है। अस्पतालों में दवाइयां खत्म हो गई हैं, और डॉक्टर बिना संसाधनों के घायल नागरिकों का इलाज करने को मजबूर हैं। कई लोगों ने बताया कि वे कागज़, पत्ते और जानवरों का चारा खाकर किसी तरह जीवित हैं।
गाज़ा में बढ़ते इज़राइली हमले और मानवीय सहायता की कमी एक भयावह संकट की ओर इशारा कर रहे हैं। जब तक संघर्ष विराम और राहत पहुंचाने के लिए सुरक्षित गलियारों की व्यवस्था नहीं होती, तब तक हजारों लोगों की जान खतरे में बनी रहेगी। अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए यह समय निर्णायक है – अगर अब चुप्पी साधी गई, तो परिणाम और भी विनाशकारी होंगे।


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