भारत को मिले तीन अपाचे हेलिकॉप्टर, लेकिन 15 महीने की देरी क्यों ?
भारतीय वायुसेना की ताकत में एक और अहम बढ़ोतरी हुई है। भारतीय सेना ने अमेरिका से कुल छह AH‑64E अपाचे हेलिकॉप्टर खरीदने के लिए 2020 में $600 मिलियन (करीब ₹5,691 करोड़) का समझौता किया था ,अमेरिका से भारत को तीन नए (बाहुबली)अपाचे AH-64E अटैक हेलिकॉप्टर प्राप्त हुए हैं। ये हेलिकॉप्टर आधुनिक तकनीक से लैस हैं और किसी भी प्रकार के युद्ध में दुश्मन को धूल चटाने में सक्षम हैं।
प्रमुख विशेषताएं:
ये अपाचे हेलिकॉप्टर AH-64E गार्जियन वर्जन हैं, जो दुनिया के सबसे आधुनिक अटैक हेलिकॉप्टर माने जाते हैं।
इसमें हाई परफॉर्मेंस इंजन, एडवांस्ड एवियोनिक्स सिस्टम, और लंबी दूरी की मारक क्षमता है जिससे यह दुश्मन को दूर से ही मार सकता है।
यह हेलिकॉप्टर दिन-रात और हर मौसम में ऑपरेशन कर सकता है ,इसमें हेलमेट माउंटेड डिस्प्ले सिस्टम और एंटी-टैंक मिसाइलों की क्षमता होती है।
भारत और अमेरिका के बीच समझौता:
भारत ने अमेरिका के साथ कुल 6 AH-64E अपाचे हेलिकॉप्टर खरीदने का एग्रीमेंट हुआ था, जिसमें से 3 की डिलीवरी हो चुकी है और बाकी आने वाले महीनों में भारत पहुंचेंगे।
कहां तैनात होंगे?
इन हेलिकॉप्टरों को भारतीय वायुसेना की रणनीतिक जरूरतों के अनुसार पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर तैनात किया जाएगा, जिससे दुश्मन की किसी भी गतिविधि का त्वरित जवाब दिया जा सके।
वायुसेना के लिए क्या मायने?
यह हेलिकॉप्टर भारतीय वायुसेना की फायरपावर को बढ़ाएंगे और जमीन पर चल रहे ऑपरेशनों में भी निर्णायक भूमिका निभाएंगे। इससे भारत की हवाई सुरक्षा और आक्रामक क्षमता को एक नई मजबूती मिलेगी।

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